एक-एक पैसा जोड़कर एक सेकंड-हैंड स्कूटी खरीदी है जिससे वो आगरा शहर के कोने-कोने में ज़रूरतमंद जानवरों को रेसक्यू करने पहुँचते हैं, वो भी बिना चप्पल या जूते के। जी हाँ, देव ने अपनी चप्पलें भी त्याग दी ह ...
न महंगे कपड़े, न कोई फैशन रैंप… बस एक सपना! भोपाल की गलियों में पुरानी साड़ियों से बने आउटफिट्स पहनकर वॉक करने वाली प्रीति ...
[Shreya Kumawat environmental activist, young environmentalist, children environmental awareness initiative India, young ...
पश्चिम बंगाल के एक छोटे से गाँव की सोनाली के पास न कोई बड़ी Dance Academy है, न महंगा कैमरा और न कोई शानदार सेटअप। पिता एक मामूली पेंटर हैं, माँ ईंट-भट्ठे पर मजदूरी करती हैं। घर में आर्थिक तंगी की वजह ...
नाले में फंसा कोई कुत्ता या सड़क किनारे ज़िंदगी से लड़ रही कोई गाय… इनकी मदद के लिए कितने लोग आगे आते हैं? अगर बात उत्तराखंड, ...
जम्मू-कश्मीर के उधमपुर की बंजीत और देविंदर ने पिता के हाथ में चोट लगने के बाद ऑटो चलाकर परिवार की जिम्मेदारी संभाल ली। आज ...
लुक सिर्फ एक किरदार नहीं… इसके पीछे छिपा है Rayalaseema के उस दौर का इतिहास, जब सूखे और भुखमरी ने लाखों जिंदगियां तबाह कर दी ...
टूटा हाथ, नंगे पैर और कंधों पर परिवार की जिम्मेदारी—सिर्फ 5 साल का अर्जुन रोज़ लॉलीपॉप बेचता है। सुबह स्कूल, फिर काम… छोटी-सी ...
Facebook: https://www.facebook.com/thebetterindia.hindi Instagram: https://www.instagram.com/thebetterindia.hindi/ Twitter: ...
कहते हैं, मुंबई वो नगरी है,जहाँ कई साधारण लोग असाधारण बन जाते हैं। लेकिन इसी शहर में करोड़ों ख़्वाब पहचान मिलने से पहले ही टूट भी जाते हैं। लेकिन कमलेश सावंत का ख़्वाब नहीं टूटा। बस उसे पूरा होने में ...